दश्ते - तन्हाई में ऐसे न भटकते फ़िरतेऐ सना हम भी जो रिश्तों की तिजारत करतेशिबली सना
दश्ते - तन्हाई में ऐसे न भटकते फ़िरतेऐ सना हम भी जो रिश्तों की तिजारत करते
शिबली सना