सच देखो आ रहा
न्याय करना ही होगा
सच को जिताना होगा
झूठ को झुकना होगा
समाज अब जाग रहा
समुंदर मंथन फिर होगा
शिव को आना ही होगा
विष जो फैल है रहा
उसको पीना ही होगा
अमृत सिर्फ देवों का होगा
राक्षसों को मरना ही होगा
रामराज्य स्थापित करना होगा
शैलेंद्र शुक्ला "हलदौना"


