मुश्किल से समझाया था इस दिल को 
 इश्क की हवा ने फिर से सुलगा दिया !!
उनको थी खबर मुझे कुछ पता नही 
शहर ने मुझको रात भर सोने ना दिया !!
शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना"