सियासत में जो रहने के ग़लत अंदाज़ अपनाये समझ लेना कि जनता से कभी वो छुप नहीं पाये नहीं समझे अग़र अब भी सियासतदार ये बातें तो रखना याद तुम इक दिन कि जनता देगी सिखलाये