विश्वबन्धुत्व के पक्षधर है

अधर्म के नाशक,

जो,धर्म के पक्ष में सदा

वह , भक्तवत्सल सखा है कृष्णा !


युगों-युगों से जो है

प्रासंगिक सदा,

वह कर्म का मर्म बताते है,

अन्याय से लड़ो सदा, सिखाते है, कृष्णा !


युद्ध सेना नही, जीते जाते है

मन से जीते जाते सदा

जो धर्म के पथ पर चलते है,

उनका साथ निभाते है , कृष्णा !!!!




जन्माष्टमी के त्योहार की अनन्त शुभकामनाएं !


@शीतल रघुवंशी