दम्भ का दमन हो

अहम् का दहन हो

ईर्ष्या भी कुछ कम हो

तब होली सफल हो ।


मृत्यु जब खेल लगे

जीवन परिपूर्ण लगे

प्रति पल सम भाव लगे


तब होली सफल हो ।


मन ईश्वर में लगे

अज्ञानता मिटे

स्वार्थ हटे

परमार्थ जगे

तब होली सफल हो। 


कर्तव्य निष्ठ हों

आत्मस्थ हों

ज्ञानस्थ हों

तब होली सफल हो ।



भक्ति प्रह्लाद सी मिले

विश्वास का दीपक जले

गुरूर सारा खाक हो 

बस ईश का साम्राज्य हो


तब होली सफल हो ।


होली मुबारक