आंखों में मेरी आंसू अब कभी न आयेंगे,
दर्द भरे किस्से अब हम न सुनाएंगे,
टूटा है जो दिल आज बिना आवाज़ किए
सीने में रखकर पत्थर खामोश हो जायेगे
प्यार के वो मीठे लम्हे अब लौटकर न आयेंगे
जिंदगी का गीत हम अकेले गुनगुनाएंगे
निशा के अंधेरों से पार कैसे जायेंगे
बिन तुम्हारे दिन हमारे कैसे बीत पाएंगे
बीते हुए लम्हे मेरी आंखों में देखोगे तुम,
जुबां से एक शब्द भी कह न पाएंगे।
कशिश पलती है जो मेरी रूह में
उसी के सहारे जिंदगी बिताएंगे।


