Poetry 1 min read 0 reads

वसंत आया है.....


गुज़र गया....पतझड़ का मौसम !समय बहारों का आया है,कुछ मौसम ने.....कुछ आँखों ने.....तो कुछ फूलों ने फरमाया है.....अब नयी कोंपलें खिलने का वक़्त आया है !खिल रहे हैं फूल गुलाब.....वसंत आया है !वसंत आया है !

— ✍ SheelaS
Read more Earn more Learn more