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वक़्त !


मैं आज भी हूँ.....कल भी रहूँगा.....

बदलेगी....तो सिर्फ़ परिस्थितियाँ !

आज तुम्हें मेरी क़द्र नहीं है.....कल मैं तुम्हारी क़द्र नहीं कर पाऊंगा..... वक़्त !

— ✍ Sheela S
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