कभी-कभीउम्मीद रखना....इंसान कोतकलीफ़ देता है !फिर वोअपनों से हो....यागैरों से....!
कभी-कभीउम्मीद रखना....इंसान कोतकलीफ़ देता है !
फिर वोअपनों से हो....यागैरों से....!