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सत्य अकेला....


चहुँओर....झूठ का ज़ाल है फैलाहो रहा है....सत्य अकेला ।

चहुँओर....झूठ का ही बोलबालाबचा नहीं है....सत्य का उजाला।

चहुँओर....दगा गुरु बना....झूठ बना चेलासाथी नहीं....सत्य राही अकेला।

— ✍ Sheela S
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