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समंदर-से अथाह....


समंदर-से अथाह हैं हम...हमें नापना इतना आसां नहीं !

सागर-सी गहराई है यहाँ...हमें बाँधना इतना आसां नहीं !

कई नदियों की मंजिल है यहाँ...हमें पाना इतना भी आसां नहीं !

— ✍ Sheela S.
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