"ईश्वर अल्लाह तेरो नाम।
सबको सन्मति दे भगवान।।"
हे राम.......!!!
अंतिम शब्द........!
अमर नाम.....
अमिट है आँधी...!!!
मरा नहीं.....
अमर हुआ गाँधी...!!!
विचारों में....
कर्म में....
सर्वधर्म समभाव....गाँधी!
मरा नहीं.....
अमर हुआ गाँधी...!!!
सबके दिलों में,
जला गया...
सत्य,अहिंसा का दीपक!
मरा नहीं.....
अमर हुआ गाँधी...!!!
देह मिटी,
पर नाम मिटा नहीं...
अमिट रही एक आँधी!
मरा नहीं.....
अमर हुआ गाँधी...!!!
संघर्ष शुरू किया,
सिखा गया...
लड़ो और डटकर जियो!
मरा नहीं.....
अमर हुआ गाँधी...!!!
धोती, चादर...
और एक लाठी,
हिम्मत और हौसले की गांठी!
साहस की सीख सिखा दी!
मरा नहीं.....
अमर हुआ गाँधी...!!!
समानता समभाव जगाया,
जाति, लिंग, सम्प्रदाय....
मिलकर जियो...
प्रेम सिखाया!
मरा नहीं....
अमर हुआ गाँधी...!!!
कर्म करो,
फल ईश्वर देगा....
कर्मफल पाठ पढ़ाया!
मरा नहीं....
अमर हुआ गाँधी...!!!
अमर नाम....
अमिट है आँधी...!!!
मरा नहीं....
अमर हुआ गाँधी...!!!
