चाहत हमारी कुछ बड़ी न थींथोड़ी खुशियों की आरज़ू इतनी बड़ी न थींहमने यह सोचकर ज़ुल्म किया किअपनों कीं रुसवाइयाँ इतनी भी बड़ी न थीं
चाहत हमारी कुछ बड़ी न थींथोड़ी खुशियों की आरज़ू इतनी बड़ी न थीं
हमने यह सोचकर ज़ुल्म किया किअपनों कीं रुसवाइयाँ इतनी भी बड़ी न थीं