आज दिल्ली की बारिश में

नज़ाकत है, अदा है और मेहक है

एक अलग सा रंग है...

क्या तुम आई हो?

या फिर, मेरा तसव्वुर भीग रहा है

फिर...उस दिन की तरह..

हर बूंद में इसकी, हर रंग में इसके...

क्या तुम आई हो ??