मैंने सुना गांव's image
Poetry1 min read

मैंने सुना गांव

ShatrughanShatrughan November 30, 2022
Share0 Bookmarks 63752 Reads0 Likes

मैंने सुना - गांव

मुझे याद आया

अंधेरा

कहीं दूर टिमटिमाती रोशनी

हिलती डुलती

कुछ इशारे करती हुई

तभी एक खटका हुआ

अचानक कुछ आवाजें आईं

धीमे धीमे देह बनते गए

मूसलाधार बारिश हुई

और देह पिघल कर

मिट्टी बन गए

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts