तुम्हारे हिज्र में बर्बाद -ए -जहां बैठा हूंमैं खुद को इस कदर पामाल किए बैठा हूंमेरे इखलास की अब इक्तिजा यही है जानातेरे बाहों का तलबगार हुए बैठा हूं....
तुम्हारे हिज्र में बर्बाद -ए -जहां बैठा हूं
मैं खुद को इस कदर पामाल किए बैठा हूं
मेरे इखलास की अब इक्तिजा यही है जाना
तेरे बाहों का तलबगार हुए बैठा हूं....