तलाश इक घर की's image
197K

तलाश इक घर की

तलाश इक घर की

जिस घर मैंने आँख खोली

दर , दरवाज़े खिड़कियों से सुना

तुम्हें पराये घर जाना है


फिर भी मैं प्यार से

हर इक कोना सजाती रही

हाँ, कोई इक तो मेरा है

खुद को बहलाती रही।


वो घड़ी जब मैं विदा हुई उस दर से

सपना लिये थी अपने घर का


Read More! Earn More! Learn More!