Ae Zindagi 


 ऐ ज़िन्दगी....

माना कि तूने हर बार हराया है मुझे, 

पर....

हर बार नया पाठ भी तो पढ़ाया तूने , 


ऐ ज़िंदगी....

माना कि तुमने बहुत ज़ख़्म दिये मुझ को, 

पर.....

हर दर्द पर मुस्कराना भी सिखाया तूने,


ऐ ज़िंदगी.....

माना कि तूने बहुत ठोकरें दी तूने,

पर .....

हर बार गिर कर सभंलना  भी सिखाया तूने, 


ऐ ज़िंदगी....

माना कि बहुत बार तूने सताया,

पर....

मौत से लड़ना भी तो सिखाया तूने , 


ऐ ज़िंदगी ....

बहुत दर्द हुआ , जब अपने छोड़ गये,

पर .....

अकेले मौज में जीना भी तो सिखाया तूने


      (Sash out of ash)