अक्सर मैं देरी से आता हूँ... तुम थोड़ा इंतज़ार तो कर लोगे ना..?
मैं...समझ नहीं पाता कुछ बातों को...तुम थोड़ा समझा तो दोगे ना..?
मुझे मनाना नहीं आता...तोहफ़े लेकर आना नहीं आता....तुम फिर भी मान तो जाओगे ना...?
उदास नहीं देख सकता तुम्हे...पर मुझे ये उदासी हटाना नहीं आता....तुम मेरे लिए मुस्कुरा तो लोगे ना..?
बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे, लेकिन ये जताना नहीं आता... तुम बिना जताए महसूस तो कर लोगे ना..?
झूठ कहता हूँ तुमसे कि रह लूँगा तेरे बगैर, इन साँसों को तेरे बगैर चलना नहीं आता....तुम....
तुम इस झूठ को झूठ तो मान लोगे ना..?
डर जाता हूँ तेरे खो जाने के ख्याल से भी, तुम अपनी बाहों में लेकर इस डर से आजादी तो दिला दोगे ना...?
तुम मुझे समझा तो लोगे ना...?
अपना बना तो लोगे ना....?


