मेला
मैं मेले में घूम के आती
बच्चों को संभाल तू
मैं झूले में झूल के आती
न होना बेहाल तू
छूना है मुझे आसमां
यूं ना कर मलाल तू
मैं मेले में घूम के आती
बच्चों को संभाल तू।
लगाने दे चक्कर झूले में
यूॅ न चक्कर खा तू
पलटने दे आसमां को
तारे चुनना तू
शशांक तोड़ लाती जमीन पे
बस संभाल लेना तू
मैं मेले में घूम के आती
बच्चों को संभाल तू।
खो जाने दे इस भीड़ में
जरा हाथ तो छोड़ तू
खरीदने दे इस बाजार को
जरा माल तो निकाल तू
कितनी खुशियां है इस खरीदारी में
तू क्या जानें तू
मैं मेले में घूम के आती
बच्चों को संभाल तू।
झांक आने दे मौत का कुआं
तनिक न घबड़ा तू
बढ़ाने दे दिल की धड़कन
हर धड़कन में है बस तू
ऊंचे गहवारे से झांकू तो
कितना छोटा दिखता है तू
मैं मेले में घूम के आती
बच्चों को संभाल तू।
झूले में जो खाऊं हिचकोले
मत चिल्लाना तू
जमीन पे जब पांव पड़े
सांसे गिनना तू
छलक आए पलकों में आंसू
पोछ लेना तू
छोड़ो झूला फिर कभी
अब तो मुस्कुरा दे तू
मैं मेले में घूम के आती
बच्चों को संभाल तू।

