आंसू 


आंसू संभालिए काम आएंगे 

अभी और भी इम्तिहान आएंगे। 


ज्यादा दूर नहीं है 

हमारे भी मकान आएंगे।


खत्म नहीं हुआ सफर 

रास्ते में कई शमशान आएंगे। 


मुसीबत में वो बड़े काम आएंगे

क्या कहा जमीन पर आसमान आएंगे? 


कांधे पे है लाश

उठाने क्या मेहमान आएंगे? 


मर गए तो क्या 

जलाने यजमान आएंगे? 


लाशों की लंबी है कतारें 

जलाने कहां अब इंसान आएंगे। 


तैरती लाशों से पूछो

बहाने शैतान आएंगे। 


आंखों में बहती है गंगा 

हाथ धोने प्रधान आएंगे। 


कहां जाएं मसान या कब्रिस्तान

छोड़ो सब बड़े विधि-विधान आएंगे। 


गंगा के आंचल में सोने 

हिंदू और मुसलमान आएंगे। 


जनाजो़ से सजी है घाटें

देखने हिंदुस्तान आएंगे। 


दफन हो गए तो क्या? 

कफन नोचने हैवान आएंगे। 


मर गया है सिस्टम 

इसमें अब नहीं प्राण आएंगे। 


बेखबर है ये मीडिया वाले 

खबर लेने ये सुजान आएंगे? 


देखो कैसे हो गए हैं बेजुबान

जाने कब इनके मुंह में जबान आएंगे? 


चिल्लाती है अवाम न जाने 

कब पासबान आएंगे? 


जिंदा बच गए तो मियां

आंसू बहाने श्रीमान आएंगे।


अच्छे दिन दिखाने

साक्षात् भगवान आएंगे।


अच्छे दिन दिखाने

साक्षात् भगवान आएंगे