यार ना रही's image
Share0 Bookmarks 47499 Reads0 Likes
 कोई खुमारी अब हम पर सवार ना रही
जब उड़ गई छत ओट को दीवार ना रही

उठ थे कुछ इस क़दर की आसमां हो गए
जब गिरे तो जमीं भी हमार

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts