कोहरे घने हैं's image
519K

कोहरे घने हैं

कोहरे घने हैं कासीर मगर रोशनी आरही है
खिल गई थी जो कली अब कुम्हला रही है 

बिगड़ रहा है शहर की आवो हवा का असर
तुम्हारे ईमान से जिल्लत की बदबू आ रही है

कोई पहुंचा नहीं इस मकान तक अरसा हुआ
मेरी आवाज ही मुझको बहल
Read More! Earn More! Learn More!