कब किसी को मुक्कमल जहां मिला है,यहां जिस्म को चीखों में ख्वाहिशें कैद है।अवि शर्मा
कब किसी को मुक्कमल जहां मिला है,यहां जिस्म को चीखों में ख्वाहिशें कैद है।
अवि शर्मा