Poetry 1 min read 486.8K reads

29 October, 2022


कुछ विचित्र अनुभवनहीं, मनोभावअविरल धाराजीवन के क्षणों की तरहमेरा कोई निश्चय मेरा न थापर अब जो हूॅंकिसके कारण?

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