कल की छोड़ो, तुम मेरा आज बन जाओ;
मेरे बिखरें हुए सुरो का साज़ बन जाओ।
कभी ख़ामोशी, कभी आवाज़ बन जाओ;
कल की छोड़ो, तुम मेरा आज बन जाओ ।


कल की छोड़ो, तुम मेरा आज बन जाओ;
मेरे बिखरें हुए सुरो का साज़ बन जाओ।
कभी ख़ामोशी, कभी आवाज़ बन जाओ;
कल की छोड़ो, तुम मेरा आज बन जाओ ।