हूं देश का फौजी नया,

मुझे करके यह दिखाना है ।

अपने हौसलों से मुझे,

देश को आगे बढ़ाना है ।

है यही हिंदुस्तान मेरा, यही मेरा मुल्क है।

वतन है मेरा, मां है मेरी, यही मेरा धर्म है।

इसके खातिर ही तो मेरा सब कुछ कुर्बान है,

कर्म मेरा,प्यार मेरा, तेरे ही सब नाल है।

हूं देश की नारी नयी,

मुझे करके दिखाना है ।

मैं शक्ति हूं,मैं दुर्गा का स्वरूप हूं, न मारो और छेड़ो मुझको

मैं काली का खून हूं ।

ऐ राक्षस सुन, अब तूने है यह सीमाएं अपनी लांघली

जो हो गया सो हो गया,अब वह ना होगा कभी ।

कदम से कदम मिला रही, आज मैं हर मर्द से

आंख मिलाती हूं मैं, हर दर्द से

मुझसे ही आज, मुझसे ही कल है

संसार की हर मुश्किल का, मेरे पास ही हल है।

हूं देश का नेता नया,

मुझे करके दिखाना है।

है वक्त अब ये आ गया, उस नेता को भगाना है।

जो भ्रष्टाचार से सजा रहे, अपना सारा आशियां है।

जो हम ना रोक पाए इनको, तो सियासत के चक्कर में

ये अपना ईमान बेच डालेंगे।

हिंदू मुसलमान में फंसा के हमको, हमारा हिंदुस्तान बेच डालेंगे।

मैं वो लहू जो खौलता, हूं देश का बेटा नया।

जो पाया नहीं है कभी, वो हौसला मुझमें भरा।

है एक गुजारिश ऐ देशवासियों ,

मैंने तुमसे मांगी है।

जियो और जीने दो, क्यो हो रही खींचातानी है।

न देश के खातिर सही, तू खुद के लिए कुछ कर दिखा।

जो कभी ना कोई कर सका,

काश तू वो कर दिखा।

बना दें एक मिशाल तू ,

जो दुनिया जान जाएगी ।

तेरे कर्म से ही माँ,

हाँ गर्व से उठ जाएगी।

है देश का तू वासी अगर ,

कुछ इसके खातिर कर दिखा

है एक गुजारिश तुझसे ये,

कुछ इसके खातिर कर दिखा।।


।। जय हिन्द।।


‌‌‌‌‌‌ - शानू विश्वकर्मा