मेरे कल की मेरी नज़्में,गवाही कर न दें यारो
वो उसके आज तक पँहुचें नही.....ऊँहू..ऊँहू..
लगाकर ताले,चाभी,तोड़ दोगे न मेरे जाने के बाद?
वो मेरी दराज़ तक पहुँचे नही ......ऊँहू.. ऊँहू..
:/शंकर


मेरे कल की मेरी नज़्में,गवाही कर न दें यारो
वो उसके आज तक पँहुचें नही.....ऊँहू..ऊँहू..
लगाकर ताले,चाभी,तोड़ दोगे न मेरे जाने के बाद?
वो मेरी दराज़ तक पहुँचे नही ......ऊँहू.. ऊँहू..
:/शंकर