मैंने आईना देखा

उसमें डर दिखा,


सर के बाल, 

पसीने से सने हुए थे 


कमीज़ की आस्तीन भी,

भीगी हुई थी


ऊपर की बाईं जेब मे रखा चश्मा

ज़ोर से धड़क रहा था


हाथ की घड़ी,पाँव के जूते

सब काँप रहे थे


और मैं इस नतीजे पर पहुँचा हूँ

कि


हर बेजान चीज़ 

डरी हुई है


:/शंकर


#डर