ये जिस्म एक लिवास है, ओढ़ के चला हूँ मैदाग लग न जाये कनही, संभाल के चला हूँ मैये दुनिया है बाबुल मेरी, वो दुनिया ससुरालबन के बहुरिया स्वेत चुनरी, ओढ़ चली ससुराल
ये जिस्म एक लिवास है, ओढ़ के चला हूँ मैदाग लग न जाये कनही, संभाल के चला हूँ मै
ये दुनिया है बाबुल मेरी, वो दुनिया ससुरालबन के बहुरिया स्वेत चुनरी, ओढ़ चली ससुराल