काश के कुछ ऐसा मुअज्ज़ा हो जाए ख़ुदाया मांओं के उम्र में इज़ाफ़ा हो जाए। रहे ता- उम्र उस गोद से मयस्सर भले ही औलाद ख़लीफा हो जाए