आज़ादी किसी के लिए, पिंजरे में बंद वो चिड़िया है
जिसे दाना पानी तो मिल रहा, पर उड़ नहीं सकती
तो किसी के लिए, आसमां में उड़ता वो पंछी है
जो उड़ तो रहा, पर उसी दाना पानी के लिए।।


आज़ादी किसी के लिए, पिंजरे में बंद वो चिड़िया है
जिसे दाना पानी तो मिल रहा, पर उड़ नहीं सकती
तो किसी के लिए, आसमां में उड़ता वो पंछी है
जो उड़ तो रहा, पर उसी दाना पानी के लिए।।