बाबा इस नए घर में तो
अंगना ही ना है रे
बोलो काहे भेजो मोरे ऐसा घरबा में रे
बाबा इस नए घर में तो
पंछी ही ना आवे है
बोलो किस से सांझ सवेरे बतिआऊ रे
कि बाबा तोरे संग ही जो
रह लेती उम्र भर को
क्या जाता अम्मा का इसमें रे
कि बाबा तोरी गुड़िया तो
गुड़िया ही बन के रह गई है
जाने कौन बनावे ऐसो रिवाज़ रे
काहे भेजो मोरे............


