सब के सब मसरूफ़ है यहां,तुम्हारी कौन सुनेगाजैसे तुमने नहीं सुनी थीमसरूफ़ हो कर इश्क़ में।।
सब के सब मसरूफ़ है यहां,तुम्हारी कौन सुनेगा
जैसे तुमने नहीं सुनी थीमसरूफ़ हो कर इश्क़ में।।