भीड़ पसंद है मुझे
लोगों से टकराते है हम
नज़रों का कारोबार चलता है
मुस्कुराहटों का एक दौर
किसी से कोई उम्मीद नहीं होती
ना दिल में कोई आस जगता है
और सबसे आख़िरी में
हमें अकेले रह जाने का
कोई गम नहीं होता।


भीड़ पसंद है मुझे
लोगों से टकराते है हम
नज़रों का कारोबार चलता है
मुस्कुराहटों का एक दौर
किसी से कोई उम्मीद नहीं होती
ना दिल में कोई आस जगता है
और सबसे आख़िरी में
हमें अकेले रह जाने का
कोई गम नहीं होता।