सफाइयां दलीलें बात-बात पर सुबूत बेवक्त मेरा इम्तिहान हर वक्त मुझे परखना सीधे बात क्यों नहीं करते
सब कुछ कहने वाली निगाहें ब्यां करती होंठों की हंसी सब तेरे सामने तुम इन पर यक़ीन क्यों नहीं करते


सफाइयां दलीलें बात-बात पर सुबूत बेवक्त मेरा इम्तिहान हर वक्त मुझे परखना सीधे बात क्यों नहीं करते
सब कुछ कहने वाली निगाहें ब्यां करती होंठों की हंसी सब तेरे सामने तुम इन पर यक़ीन क्यों नहीं करते