मैंने एक कविता लिखी है,

उसमें दिल का दर्द लिखा है ।

आंसूओं का राज़ लिखा है,

कविता के बहाने अपने अल्फाज़ लिखा है।

जिन्होंने हमें बर्बाद किया,

उन चेहरों को बेनकाब किया है।

जो तकलीफें दफ़न थी कहीं मुझमें,

उन सारे मर्म को सरेआम लिखा है।।