हर एक इंसान के जिंदगी में कभी न कभी ऐसा वक्त आता है जब इंसान किसी वजह से किसी कारण से उसकी मानसिक स्थिति पर थोड़ा प्रभाव पड़ता है। किसी के साथ ऐसे हालात कुछ दिन, किसी के साथ कुछ महीने और कुछ ज्यादा अच्छों के साथ कुछ साल तक। ऐसे में आपके पास कोई नहीं होगा, कोई नहीं बस आपके अलावा।अपना मर्ज आपको खुद बनना होगा। आपकों अपनी परिस्थिति में बदलाव खुद लाना होता है। कभी-कभी ज्यादा अच्छा बनना भी आपके जीवन का काल बन जाता है। इसलिए जो जैसा है उसके साथ निसंकोच वैसा ही व्यवहार करें।छल अगर धर्म के लिए किया गया हो तो छल भी धर्म है।


