अपने मन का एक खाली पड़ा कोना
दे दो मुझे किराए पर..
बहुत अँधेरा है वहाँ, जैसे बरसों से हो वीराना
कुछ दिन के लिए ही सही, चमक जाए हर कोना।
सुना है खाली कोनों में अक्सर लग जाते हैं जाले
नन्हीे सी बाती भी कर देती है हर तरफ उजाले।
खोल दो मन का पिंजरा, उड़ जाएगी जमी धूल
खिल उठेगा तुम्हारे मन का वो बंद पड़ा कोना।