रेत के घरौंदों में जो सीपियाँ छुपायी थी,जमाने से छुपकर जो एक दुनिया बसायी थी।जरा से बड़े क्या हुए, टूटा भरम, छूटा बचपन,वो कहानियाँ जो दादी, नानी ने सुनायी थी।
रेत के घरौंदों में जो सीपियाँ छुपायी थी,जमाने से छुपकर जो एक दुनिया बसायी थी।
जरा से बड़े क्या हुए, टूटा भरम, छूटा बचपन,वो कहानियाँ जो दादी, नानी ने सुनायी थी।