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आँखों में पलने दो कुछ ख्वाब यूँ ही

आँखों में पलने दो कुछ ख्वाब यूँ ही, अश्क भी ज़रूरी हैं चमकने के लिए। बुलंदियों को देख समझो ये फ़लसफ़ा, गहराई नींव की जरूरी है ऊँचाई के लिए। उम्र बीत जाएगी यूँ ही आज कल करते करते, क
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