बलायें आती है तो खुद को खुद से सम्हाले रखता हूँ

मुश्किलों में भी अपना हौंसला बना के रखता हूँ

कोई परखता है तो परखे मेरी हिम्मत और जुनूँ मेरा

मैं इक दरिया के अंदर एक समंदर बना के रखता हूँ।

#शैलेष त्रिपाठी