हैरत भरी निग़ाहों से मत देखा करो मुझे

जलते हुए अंगारों में मत भेजा करो मुझे

ज़ख्म नासूर हो गए तो क्या जवाब दूंगा उसे 

जवाबों के कटघरे में मत रोका करो मुझे