
देखो तुम मुझे गलत मत समझना
तुम्हें जानने मैं आया हूँ
न कि तुमसे दिल लगाने आया हूँ
बात बस मेरे खोए हुए सरस की है
ना ही ये उसके समझ की थी, ना तेरे समझ की है
अपनी मंज़िल को मैं रास्ते में ढूंढने आया हूँ
सहजता जितनी उसमें थीं उतनी तुझमें पाया हूँ
अब तुझे दायरे में रखना है या नही ,ये उसके समझ की है
Read More! Earn More! Learn More!
