उनको खबर नहीं कि मेरे हालात क्या है

दर्द देते है और पूछते है बात क्या है


उनके दिए सदमें की तारीख मैं भूल बैठा

अब लोगों से पूछता फिरता हूं कि उनके सदमें की तारीख क्या है



उनकी बिदाई की तारीख़ उनसे पूछे बिना रख दी गई, 

कोई उनसे पूछा भी नही कि उनके ख्यालात क्या है


दुआओं में वो घर के दहलीज की सलामती चाहते है

वरना दिखाते की उनकी चाहत अवकात क्या है


सरफिरा मिला है पर सरस है दिल का

कोई पूछे तो मैं बताऊं ,कि मेरी औऱ उसकी जात क्या है 

              ~ shail K✍️