तुझे याद किये बिना अगर सो जाऊं, तो मर जाऊं

ख़्वाब में भी तुझसे बे-ख़बर हो जाऊं, तो मर जाऊं,


अब तो तेरा ही रहूँगा मैं ताउम्र मैंने अहद कर लिया,

अगर कभी इस बात से मुकर जाऊं, तो मर जाऊं।


मेरी खुशी का हर रास्ता तुझसे हो कर गुज़रता है,

तुझसे मिले बिना यहां से गुज़र जाऊं, तो मर जाऊं।


ख़्वाब में भी तुझसे बे-ख़बर हो जाऊं, तो मर जाऊं...



~हिलाल हथ'रवी