आज की शाम तेरे नाम
भीनी भीनी खुशबू खुशबू , मतवाली मस्तानी शाम ! आज की शाम तेरे नाम !!
पर्वत पर्वत - वादी वादी फैला है कोमल अंधियारा झिलमिल झिलमिन दीप गगन के यह रेशम रेशम उजियारा ,
पीकर होश नहीं है मुझको तेरे सुर्ख लबों का जाम!
गुलशन गुलशन - सहरा सहरा सतरंगी फूलों का मेला ,
दिल में प्यार जगाने वाला यह दिलकश मौसम अलबेला ,
तू मौसम की मस्ती लेकर सीने से लगजा गुलफाम !
चंचल शीतल मंद पवनिया मेरे दिल का साज सजाए,
सजनी को बाहों में लेकर , साजन गीत मिलन का गाए ,
तेरी - मेरी आंखों में है प्यार मोहब्बत का पैगाम !
खुर्शीद_"अजेय"


