"ऐ जिन्दगी चल चाय पी आते हैं,
अपनों की इस भीड़ से दूर,
कुछ परायों के बीच चाय की चुस्कियों का आनंद ले आते हैं,
माना थोड़ी खफा हैं तू मुझसे
मगर कुछ देर को ये लड़ाई भूल आते हैं,
इन उदासियों को कुछ पल यही छोड़ जाते हैं,
चल ना उस पहाड़ी वाली टपरी पर चलकर थोड़ी सी गपशप कर आते हैं,
ऐ जिन्दगी चल ना चाय पी आते हैं।"


