कद तेरा या मेरा ऊँचा
किस आकलन पर नापेगें हम,,

रुतबा, दौलत या सौहरत
किसको ऊँचा मानेंगे हम,,

रह गये सिध्दांत अधूरे..
उसे किस मापदंड में मापेगें हम,,

कद तेरा या मेरा ऊँचा
इन्सानियत किस पलडे मे रखेंगे हम..

खुद से ऊपर निकले ..तब ही
ईस सब पर सोच पायेगे हम,,
@ShabdMalaVidushi